बख्तियारपुर में बनेगा पटना जिले का चौथा औद्योगिक पार्क: 500 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण
बख्तियारपुर, पटना: बिहार की राजधानी पटना के औद्योगिक विस्तार को एक नई दिशा मिलने जा रही है। पटना जिले का चौथा औद्योगिक पार्क अब बख्तियारपुर में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम पटना के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में जगह की कमी और बढ़ते निवेश को देखते हुए उठाया गया है
![]() |
| Bakhtiyarpur Industrial Park: |
चार मौजों की 500 एकड़ जमीन का चयन
जिला प्रशासन के अनुसार, बख्तियारपुर अंचल के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख मौजों से कुल 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए अपर समाहर्ता राजस्व अनिल कुमार ने बख्तियारपुर सीओ (अंचलाधिकारी) को पत्र लिखकर निर्देश जारी कर दिए हैं। जमीन को चिह्नित करने में मदद के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय के दो अमीन भी नियुक्त किए गए हैं।
जिन मौजों में जमीन ली जाएगी, वे हैं:
सैदपुर: थाना नंबर-170
बहादुरपुर: थाना नंबर-171
गंगापुर नरौली: थाना नंबर-174
तारा चंद्रपुर: थाना नंबर-189
निवेशकों के लिए नया ठिकाना
वर्तमान में पटना के तीन प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों— पाटलिपुत्र (105 एकड़), फतुहा (356 एकड़) और बिहटा (तीन क्षेत्र) — में अब नई इकाइयों के लिए जगह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निवेशक अन्य जिलों में जाने के बजाय पटना के आसपास ही जमीन की मांग कर रहे थे। बख्तियारपुर में औद्योगिक पार्क बनने से निवेशकों को नया आधार मिलेगा। यदि यहां भी निवेश बढ़ता है, तो भविष्य में बिक्रम समेत अन्य अंचलों में भी पार्क बनाने की योजना है।
चौहद्दी और कनेक्टिविटी
प्रस्तावित औद्योगिक पार्क की स्थिति रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, जिससे लॉजिस्टिक्स में आसानी होगी:
उत्तर: पटना-बख्तियारपुर बायपास
दक्षिण: धोवा नदी
पूर्व: करौटा-तेलमर रोड
पश्चिम: सिवाना मौजा
रोजगार और विकास की नई राह
इस पार्क के विकसित होने से बख्तियारपुर और आसपास के इलाकों में आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
प्रमुख उद्योग: यहां विशेष रूप से फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुआवजा: जमीन अधिग्रहण के बाद किसानों को सर्किल दर का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
स्टार्टअप: स्टार्टअप्स के लिए भी यहां विशेष सुविधाएं और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा।
नजरी नक्शा तैयार होने के बाद किसानों से आवेदन लेने की प्रक्रिया विधिवत शुरू कर दी जाएगी। इस परियोजना से हजारों स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

No comments:
Post a Comment